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दबाव में पत्रकार या लेखक की कलम नहीं बोल सकती

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वर्तमान युग में मीडिया की प्रासंगिकता दबाव में पत्रकार या लेखक की कलम नहीं बोल सकती डॉ. संदीप सिंहमार। ------------------------------ - लोकतंत्र का अर्थ केवल चुनावी प्रक्रिया या संविधान में निहित अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका गहरा संबंध समाज के विभिन्न घटकों से है, जिनमें से मीडिया एक महत्वपूर्ण आधारस्तंभ है। मीडिया, जिसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा गया है, लोकतांत्रिक समाज में सूचनाओं के प्रवाह को सुनिश्चित करता है, शासन को उत्तरदायी बनाता है, और जनहित के मुद्दों को उजागर करता है। लेकिन, वर्तमान समय में, मीडिया पर नियंत्रण और उसके स्वतंत्रता के मुद्दे चिंता का विषय बन गये हैं। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस जैसे आयोजनों के माध्यम से, मीडिया की स्वतंत्रता और उसके हनन की समस्याओं पर ध्यान आकर्षित किया जाता है। पर फिर भी स्वतंत्र रूप से पत्रकार या लेखक की कलम नहीं चल सकती। जब हम मीडिया की भूमिका पर विचार करते हैं, तो यह स्पष्ट होता है कि यह एक सूचना का स्रोत होने के साथ-साथ शक्ति संतुलन बनाने वाला एक प्रमुख कारक है। मीडिया न केवल सरकार के कार्यों की निगरानी करता है, बल्कि यह समाज में...